इधर यशोदा जी की जब आँख खुली
चंद्रमुखी बालक को देख प्रसन्न हुईं
आनंद मंगल मन में छा गया
नन्द बाबा को समाचार पहुंचवा दिया
घर घर मंगल गान होने लगे
चंद्रमुखी बालक को देख प्रसन्न हुईं
आनंद मंगल मन में छा गया
नन्द बाबा को समाचार पहुंचवा दिया
घर घर मंगल गान होने लगे
सब नन्द भवन की तरफ़ दौडने लगे
सबके ह्रदय प्रफुल्लित होने लगे
प्रेमानंद ब्रह्मानंद छा गया
गोप गोपियों में
हर्षोल्लास छा गया
सबके ह्रदय प्रफुल्लित होने लगे
प्रेमानंद ब्रह्मानंद छा गया
गोप गोपियों में
हर्षोल्लास छा गया
गोपियाँ नृत्य करने लगीं
मंगल वाद्य बजने लगे
मंत्रोच्चार होने लगे
नन्द बाबा दान करने लगे
मंत्रोच्चार होने लगे
नन्द बाबा दान करने लगे
नौ लाख गाय दान कर दी हैं
पर फिर भी ना कोई गिनती है
बाबा हीरे मोती लुटाने लगे
सर्वस्व अपना न्योछावर करने लगे
सर्वस्व अपना न्योछावर करने लगे
जिसने पाया उसने भी ना
अपने पास रखा
दान को आगे वितरित किया
आनन्द ऐसा छाया था
ज्यों नन्दलाला हर घर मे आया था
साँवली सुरतिया मोहिनी मूरतिया
हर मन को भाने लगी
हर सखी कहने लगी
लाला मेरे घर आये हैं
किसी को भी ना ऐसा भान हुआ
साँवली सुरतिया मोहिनी मूरतिया
हर मन को भाने लगी
हर सखी कहने लगी
लाला मेरे घर आये हैं
किसी को भी ना ऐसा भान हुआ
लाला का जन्म नन्द बाबा घर हुआ
हर किसी को अहसास हुआ
ये मेरा है मेरे घर जन्मा है
देवी देवता ब्राह्मण वेश धर आने लगे
प्रभु दर्शन पा आनंदमग्न होने लगे
हर किसी को अहसास हुआ
ये मेरा है मेरे घर जन्मा है
देवी देवता ब्राह्मण वेश धर आने लगे
प्रभु दर्शन पा आनंदमग्न होने लगे
बाल ब्रह्म के दर्शन कर
जन्म सफ़ल करने लगे
रिद्धि सिद्धियाँ अठखेलियाँ करने लगीं
ब्रजक्षेत्र लक्ष्मी का क्रीड़ास्थल बन गया
रोज आनंदोत्सव होने लगा
रिद्धि सिद्धियाँ अठखेलियाँ करने लगीं
ब्रजक्षेत्र लक्ष्मी का क्रीड़ास्थल बन गया
रोज आनंदोत्सव होने लगा
इधर कंस का उदघोष सुना है
नन्द बाबा का मुख सूख गया है
आपस मे विचार किया
कंस को मनाने और कर देने के लिए
नन्द बाबा ने मथुरा को प्रस्थान किया
कंस को मनाने और कर देने के लिए
नन्द बाबा ने मथुरा को प्रस्थान किया
ताकि उनके लाला पर ना
कंस की कुदृष्टि पड़े
जब से सुना था बालकों का
वध करने का आदेश पारित किया है
तब से नन्द बाबा ने विचार किया
और जाकर मथुरा
कंस का भुगतान किया
अब वासुदेव से मिलने का
फ़र्ज़ भी निभाया
मित्रों ने हाल आदान प्रदान किये
कंस से बच्चों को बचाने के
उपाय तय किये
अब नन्द बाबा को जाने को कहा
इधर कंस को चैन ना पड़ता था
कंस की कुदृष्टि पड़े
जब से सुना था बालकों का
वध करने का आदेश पारित किया है
तब से नन्द बाबा ने विचार किया
और जाकर मथुरा
कंस का भुगतान किया
अब वासुदेव से मिलने का
फ़र्ज़ भी निभाया
मित्रों ने हाल आदान प्रदान किये
कंस से बच्चों को बचाने के
उपाय तय किये
अब नन्द बाबा को जाने को कहा
इधर कंस को चैन ना पड़ता था
रात दिन उसे अपने
मारने वाला ही दिखता था
अपने मत्रिमंड्ल से मशवरा किया
और
पूतना को कान्हा को
मारने का काम दिया
पूतना को कान्हा को
मारने का काम दिया

